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रोहित आई हॉस्पिटल की चिकित्सा सेवा के 35 गौरवशाली वर्ष पूर्ण
रोहित आई हॉस्पिटल में ‘कॉर्निया क्लिनिक’ का शुभारंभ
35 वर्षों में 1.25 लाख से अधिक सफल नेत्र सर्जरी और 10 लाख से ज्यादा मरीजों का उपचार।
इंदौर, 14 जुलाई 2026: चिकित्सा और नेत्र देखभाल के क्षेत्र में विश्वसनीयता व आधुनिकता का पर्याय बन चुके ‘रोहित आई हॉस्पिटल’ ने आज अपनी स्थापना के 35 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर अस्पताल परिसर में एक सादे और गरिमापूर्ण समारोह का आयोजन किया गयाजिसमें केक काटकर अस्पताल के इस शानदार सफर को याद किया गया। उल्लेखनीय है कि 35 वर्ष पूर्व, 14 जुलाई 1991 को रोहित आई हॉस्पिटल की स्थापना के समय भी डॉ. पी एस हार्डिया ने अपने शुभ आशीर्वाद से इस चिकित्सा यात्रा का शुभारंभ किया था।
यह ऐतिहासिक दिन अस्पताल के लिए एक और बड़े मील का पत्थर साबित हुआ। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. अग्रवाल के सुपुत्र डॉ. रक्षित अग्रवाल (जिन्होंने हाल ही में कॉर्निया में अपनी सुपर-स्पेशियलिटी फेलोशिप पूरी की है) ने अस्पताल में नए ‘कॉर्निया क्लिनिक’ की शुरुआत की। इस अत्याधुनिक क्लिनिक का उद्घाटन डॉ श्रीमती विद्या अग्रवाल, डायरेक्टर रोहित आई हॉस्पिटल हाथों संपन्न हुआ। यह क्षण केवल एक उद्घाटन के साथ चिकित्सा सेवा की उस विरासत का उत्सव था, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पूरे सम्मान और समर्पण के साथ आगे बढ़ रही है।
इस 35वीं वर्षगांठ को समाज के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से, रोहित आई हॉस्पिटल 14 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक एक महीने का विशेष “35वीं वर्षगांठ सेवा अभियान” आयोजित करने जा रहा है। इसके अंतर्गत आम जनता के लिए विशेष रियायती दरों पर परामर्श और नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।

रोहित आई हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. ओ.पी. अग्रवाल ने कहा: “रोहित आई हॉस्पिटल के लिए 14 जुलाई का दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे 35 वर्षों के अथक परिश्रम, मरीजों के अटूट विश्वास और सेवा की निरंतरता का एक जीवंत दस्तावेज है। 1991 में जब हमने एक छोटे से संकल्प के साथ शुरुआत की थी, तब हमारे सामने लक्ष्य स्पष्ट था—हर आंख को स्पष्ट दृष्टि देना और समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा पहुंचाना। आज पीछे मुड़कर देखने पर गर्व और कृतज्ञता की अनुभूति होती है कि हम हजारों परिवारों के जीवन में रोशनी ला सके।”
डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा: “चिकित्सा विज्ञान लगातार बदल रहा है और आधुनिक तकनीकों का समावेश आज की सबसे बड़ी जरूरत है। मुझे बेहद खुशी और संतोष है कि मेरे सुपुत्र डॉ. रक्षित अग्रवाल, कॉर्निया में अपनी सुपर-स्पेशियलिटी फेलोशिप पूरी करके इस यात्रा में हमारे साथ जुड़ रहे हैं। उनके द्वारा शुरू किया गया नया ‘कॉर्निया क्लिनिक’ क्षेत्र के मरीजों को कॉर्निया से जुड़ी जटिल बीमारियों के लिए विश्वस्तरीय इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराएगा। यह पीढ़ीगत बदलाव हमारे संस्थान के मूल्यों को नई ऊर्जा देगा। ’35 वर्षों से आपने हम पर विश्वास किया… अब हमारी बारी है उस विश्वास का सम्मान करने की।’ इसी भावना के साथ हम एक महीने का ‘सेवा अभियान’ शुरू कर रहे हैं। हम इंदौर और आसपास के समाज से मिले इस अगाध स्नेह और विश्वास के लिए सदैव ऋणी रहेंगे।”
रोहित आई हॉस्पिटल के पास बेमिसाल अनुभव और साख की एक मजबूत विरासत है। वर्ष 1991 से लेकर आज तक अस्पताल द्वारा 1.25 लाख से अधिक सफल नेत्र सर्जरी और 10 लाख से ज्यादा मरीजों का उपचार किया जा चुका है। पिछले 35 वर्षों से संस्थान का एकमात्र उद्देश्य आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं मानवीय सेवा के माध्यम से मरीजों को सर्वोत्तम नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना रहा है।
अस्पताल ने हमेशा एडवांस टेक्नोलॉजी को अपनाने में अग्रणी भूमिका निभाते हुए मध्य भारत में तकनीक का नेतृत्व किया है। रोहित आई हॉस्पिटल ने समय-समय पर इस क्षेत्र में कई अत्याधुनिक तकनीकों की पहली बार शुरुआत की, जिसमें Unity VCS के माध्यम से मध्य भारत में पहली बार 4D+3D फैको (Phaco) और पहली 3D यूनिटी रेटिना सर्जरी शामिल है। इसके साथ ही, यहाँ Femto Laser Cataract Surgery की मध्य भारत में पहली बार शुरुआत की गई और NGENUITY तकनीक आधारित 3D Cataract एवं Retina Surgery को भी इस क्षेत्र में पहली बार लॉन्च किया गया। अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को जारी रखते हुए मध्य भारत में पहली बार WaveLight Plus InnovEyes LASIK तकनीक पेश की और मध्य प्रदेश में पहली बार Heidelberg Spectralis OCT स्थापित किया। बच्चों और युवाओं के बढ़ते चश्मे के नंबर को नियंत्रित करने के लिए यहाँ मध्य प्रदेश का पहला समर्पित मायोपिया कंट्रोल क्लिनिक (Myopia Control Clinic powered by Zeiss) भी शुरू किया गया। आधुनिक Phaco Cataract Surgery को शुरुआती दौर में अपनाने वाले अग्रणी केंद्रों में शामिल होने के साथ-साथ यहाँ आधुनिक Retina Surgery Platforms एवं High-end Ophthalmic Diagnostics का निरंतर समावेश हो रहा है।
चिकित्सा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Impact) निभाना भी अस्पताल की हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसी सेवा भावना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविरों के माध्यम से अब तक 1 लाख से अधिक लोगों की आँखों की जाँच की जा चुकी है। इसके अलावा, 10,000 से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की नि:शुल्क अथवा रियायती दरों पर सफल नेत्र सर्जरी की गई है। संस्थान द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा पहुँचाने का सतत प्रयास किया जाता रहा है, साथ ही नेत्रदान एवं नेत्र स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में भी अस्पताल सक्रिय योगदान दे रहा है।
आज रोहित आई हॉस्पिटल एक समर्पितसुपर-स्पेशियलिटी संस्थान के रूप में विकसित हो चुका है, जहाँ एक ही छत के नीचे महानगरों जैसी सभी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंदौर के मरीजों को अब Cataract, Retina & Vitreo-Retina Services, Refractive Surgery (LASIK), Cornea & Corneal Transplant, Myopia Control, Dry Eye Clinic, Advanced Glaucoma Services, Oculoplasty और Advanced Ocular Diagnostics जैसे जटिल उपचारों के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई या बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। अस्पताल की इसी उच्च चिकित्सीय गुणवत्ता और मरीज सुरक्षा प्रतिबद्धता के कारण वर्ष 2016 में यह इंदौर का पहला NABH Entry Level Certified Eye Hospital बना था, जो इसके उत्कृष्ट मानकों को प्रमाणित करता है।
अस्पताल के इस सफर में अब कॉर्निया सेवाओं का एक नया अध्याय जुड़ गया है। डॉ. रक्षित अग्रवाल (कॉर्निया, कैटरैक्ट एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन) के संस्थान से जुड़ने के बाद अस्पताल का लक्ष्य कॉर्नियल ब्लाइंडनेस (पुतली का अंधापन) के उपचार को और अधिक सुलभ बनाना है। इसके तहत आधुनिक Lamellar Corneal Transplant तकनीकों, जैसे DMEK, DSEK, DALK आदि को मरीजों तक पहुँचाया जाएगा। साथ ही, आई डोनेशन (नेत्रदान) जागरूकता को बड़े स्तर पर बढ़ावा देकर मध्य भारत को Cornea Care के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित किया जाएगा।
आने वाले वर्षों में रोहित आई हॉस्पिटल का आगामी संकल्प केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि चिकित्सा को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है। इस विजन को पूरा करने के लिए इंदौर में नए सुपर-स्पेशियलिटी सेंटर स्थापित करने की योजना है, जहाँ Artificial Intelligence (AI) आधारित आधुनिक डायग्नोस्टिक्स को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही, रिसर्च व अकादमिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए संस्थान का लक्ष्य मध्य भारत का सबसे विश्वसनीय एवं अग्रणी ‘Eye Care Network’ बनना है।


